साक्षात्कार: अनुराग कुमार सिंह

अनुराग कुमार सिंह न केवल एक युवा लेखक हैं, बल्कि एक जुनूनी कॉमिक्स प्रेमी भी हैं,अपने इसी जूनून की बदोलत इन्होने राज कॉमिक्स के साथ काम भी किया हैं।
 अबतक इनकी २ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, 'सूरज पॉकेट बुक्स' से  'मुखोटे का रहस्य'।
और फ्लाईड्रीम्स पब्लिकेशन्स' से प्रकाशित- 'अमोघ'

अमोघ हिंदी का पहला सुपरहीरो फंतासी उपन्यास भी हैं।
अमोध: भारत का पहला सुपरहीरो उपन्यास
Anurag kumar singh


प्रश्न: साक्षात्कार की शुरुआत करते हैं परिचय से। अनुराग जी सबसे पहले अपने बारे में कुछ बताइये। कहाँ से है, क्या करते हैं आप, बचपन कहाँ बीता?

उत्तर : मेरा नाम अनुराग कुमार सिंह है! मैं किशनगंज, बिहार का रहने वाला हूँ! मेरी प्रारम्भिक शिक्षा-दीक्षा मेरे ननिहाल पूर्णिया में हुई है! वहीँ मेरा बचपन बीता है! मैंने रसायन शास्त्र से स्नातक किया है! और अब किशनगंज में रह रहा हूँ!

प्रश्न:  कहानी लेखन का चस्का कैसे लगा? इसके पीछे भी कोई कहानी हो तो सांझा करें। 

उत्तर : कॉमिक्स के प्रति प्रेम मेरे अंदर 7 साल की उम्र में ही जाग गया था! मेरे घर में सभी कॉमिक्स नॉवेल्स और पत्र पत्रिकाओं को पढ़ने के शौक़ीन रहे हैं! मेरे पापा फैंटम और मेंड्रेक के फैन रहे हैं! मेरे ननिहाल में भी सभी ऐसे ही रहे हैं! सो मुझे भी पढ़ने की लत शुरू से ही लग गई! बाद में कॉमिक्स के साथ उपन्यास आदि भी पढना शुरू किया|

प्रश्न: आप राज कॉमिक्स के लिए भी कहानियां लिख चुके है। राज कॉमिक्स के साथ आपकी यात्रा कैसे शुरू हुई। आपने वहां कितनी कॉमिक्स के लिए कहानियां लिखी है। 

उत्तर : सन 2006 में राज कॉमिक्स ने फोरम की शुरुआत की थी! फोरम से जुड़ने के बाद मुझे मेरे जैसे अन्य मित्र मिले जो राज कॉमिक्स के वर्तमान स्थिति से नाखुश थे! वो उनको सुझाव देते शिकायतें करते! हम आपस में बहस करते! उनमें से कुछ स्टोरी  भी लिखते थे! उनको देख कर मेरे अंदर का राइटर भी बाहर आने को आतुर होने लगा! पर एक पूरी स्टोरी लिखनी मुझे आती नहीं थी और नेट के साधन भी सिमित थे! इसलिए मैं सिर्फ शॉर्ट में आइडियाज लिख कर देता था! तब 2008 में फैन मीटिंग में शामिल होने दिल्ली जाने का मौका मिला! जहाँ संजय जी से मिलने के बाद पक्का मन बना लिया कि अब राइटर ही बनना है! और फिर उसके कुछ महीनों बाद ही मैंने राज कॉमिक्स ज्वाइन कर लिया!

प्रश्न:  कॉमिक्स के लिए लेखन और उपन्यास लेखन में कितना अंतर है। कोनसा कार्य ज्यादा मुश्किल है। 

उत्तर : कुछ खास अंतर नहीं है। कॉमिक्स में आपको पेजेस और फ्रेम्स में बाँट कर लिखना होता है जबकि नॉवेल में ऐसा कोई बंधन नहीं है। कॉमिक्स में पेजेस की लिमिटेशन होती है जबकि नॉवेल में आप जितना चाहो विस्तार से लिख सकते हो।

प्रश्न:  उपन्यास लेखन क्षेत्र में कैसे आये? पहला उपन्यास मुखोटे का रहस्य का विचार कैसे आया? इसे प्रकाशित करने में कितना वक्त लगा? 

उत्तर : उपन्यास लेखन में लाने के लिए मैं दो लोगों को श्रेय देना चाहूँगा। पहले मोहित शर्मा और दूसरे मिथलेश गुप्ता। मोहित जी जो मेरे परम मित्र हैं और खुद भी एक लेखक हैं उन्होने मेरा परिचय मिथलेश जी से करवाया जोकि सूरज पॉकेट बुक्स के साथ जुड़े हुये थे। मिथलेश जी बाल साहित्य के क्षेत्र को एक्सप्लोर करना चाहते थे और उनके ही प्रेरणा से मेरे मन में मुखौटा के रहस्य लिखने का आइडिया आया। इससे पहले मैंने कोई नॉवेल नहीं लिखा था पीआर वो हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते और उनके ही सुझाव और प्रेरणा के कारण मैं ये नॉवेल पूरा कर पाया।

प्रश्न:  आपका नया उपन्यास एक सुपरहीरो जॉनर पर आधारित है। कॉमिक्स जगत में तो महानायकों यानिकि सुपरहीरोज़ की कहानियां काफी आम है, और मूलतः सुपरहीरोज़ की कहानियां कॉमिक्स के लिए ही लिखी जाती है। फिर आपने एक सुपरहीरो पर उपन्यास लिखने का प्रयोग के बारे में कैसे सोचा? 

उत्तर : कॉमिक्स लिखते समय हमेशा से मेरे मन में ये ख्याल आता था कि क्या सुपरहीरो को केंद्र में रख कर कोई नॉवेल लिखा जा सकता है? मैंने इस बारे में फ़्लाइड्रीम्स के पब्लिशर और मेरे मित्र जयंत कुमार बलोच और मिथलेश गुप्ता से चर्चा की। जयंत और मिथलेश जी भी मेरी तरह कॉमिक्स फैन थे। उन्होने तुरंत ही हामी भर दी और उनके प्रोत्साहन पर मैंने ये आइडिया डेव्लप किया और उसका नतीजा ये है कि अमोघ आप सबके हाथों में आने वाली है।

प्रश्न: अमोघ के बारे में कुछ बताइये। किस तरह की कहानी है ये? 

उत्तर : अमोघ एक सुपरहीरो फेंटेसी नॉवेल है जिसमें मैंने वर्तमान समय के तीन सुपरहीरो के एक कारनामे को दिखाने की कोशिश की है जो एक ऐसे खतरे से जूझ रहे हैं जिसके तार द्वापर युग से जुड़े हुये हैं।

प्रश्न: अपने आगामी प्रोजेक्ट्स के बारे में कुछ बताइये। आगे किस तरह की विधाओं में लेखन कार्य करते रहेंगे? 

उत्तर : सूरज पॉकेट बुक्स के लिए ‘रक्षपुत्र एक रहस्य’ और ‘मंगल के हत्यारे’ लिख रहा हूँ। फ़्लाइड्रीम्स के लिए ‘घोस्ट ऑफ सिंधु’ के नाम से एक नॉवेल लिख रहा हूँ जोकि टाइम ट्रेवेल से संबन्धित है। 

प्रश्न: लेखन के अलावा पाठन की बात की जाय तो खाली वक़्त में किस तरह का साहित्य पढ़ना पसन्द करते है आप? 

उत्तर : खाली समय में हॉरर, थ्रिलर और एक्शन स्टोरीज़ पढ़ना पसंद करता हूँ। 

प्रश्न:  लेखन के अलावा और किस किस्म के शौक रखते है आप? 

उत्तर : मूवीज, वेब सीरीज और कॉमिक्स

प्रश्न: अंत मे युवा लेखकों को क्या संदेश देना चाहेंगे?

उत्तर : अगर आप कुछ लिखना चाहते हो तो ज्यादा सोचो मत। बस उसे लिखना शुरू कर दो। एक बार कहानी पूरी हो जाए फिर आप उसमें बदलाव कर सकते हो लोगो की राय ले सकते हो। पर सबसे पहले उसे लिख लो।

साक्षात्कार के लिए धन्यवाद अनुराग जी। आशा करते है कि आपकी नई किताब को पाठकों का भरपूर प्यार मिलेगा और आप हिंदी साहित्य के छेत्र में 'अमोघ' की भांति अभूतपूर्व रोमांचक व नूतन प्रयोग करते रहेंगे।


अनुराग की के उपन्यास अमोघ के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर जाएं-  अमोघ





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