पुस्तक चर्चा- काल कलंक

आज हम बात करेंगे, हमारी आज की किताब -'काल-कलंक' के बारे में.
जिसे लिखा है सबीर खान जी ने, और किताब को प्रकाशित किया है फ्लाईड्रीम्स पब्लिकेशन ने.. 


pustak charcha


अचानक आये एक भयंकर  जलजले  में  धरती को फाड़कर बाहर  निकला एक  पुराना जीर्ण -श्रीण  रहसयामई  मंदिर।
एक  एसा रहस्यमयी मंदिर,  जिसका बाह्य आवरण  दिखने में प्रतीत  हो रहा था  किसी राक्षसी माथे की तरह !

और फिर बहुत ही कम समय में  वह बन गया : कौतुहल का विषय!
 फिर उस पर नजर पड़ती है टेंसी और शैली की ।
पुरातत्वविद टेन्सी और शैली  भी अपने आपको नही रोक पाई मंदिर के अन्दर जाकर शोध करने से ।


मगर अन्दर जाकर  टेंसी को यह एहसास हुआ कि  जैसे इस जगह के बारे में वो  पहले से जानती है ।


उसे आभाष हुआ कि कोई चीख-चीख  कर मानो जैसे अपनी  जान बचाने की भीख मांग  रहा हो , और  उस दर्दनाक चीखों  से पूरा तहखाना गूंँज रहा हो ! 


जब टेन्सी ने  शैली को पूरा वाकया  बताया तो शैली के भी होश फाकता हो गये ।


और फिर  उस अँधेरे  तहखाने में चलते वक्त दोनों ने  महसूश किया   पैरों तले कुछ मुलायम सा  अहसास!


 जब उन्होंने  टॉर्च लाइट जलाई तो, दोनों के मुह से  इतनी तेज चीख  निकली कि  पूरा मंदिर ही गूंज उठा ।


आखिर उस तहखाने में ऐसा क्या था, जिसे देखकर शैली को ऐसा लगा कि उसने टेन्सी  के साथ आकर  उसने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल कर दी है?


क्यूँ शैली की  दोस्त टेंसी अब उसके लिए रहस्यमई शख्सियत बनकर उभर आई थी?


और आखिर कौन थी वो  टेन्सी...?


तहखाने से सुनाई देने वाली दर्दनाक आवाजों का क्या राज था?


ऐसी कौन सी चीज है जिसे देखने के बाद शैली के चेहरे का रंग उड़ गया था? 


क्या वो दोनों उस भयानक तहखाने से बाहर निकल पाएगी ? 
या फिर दोनों भी काल  के आगोश में समाहित हो जाएगी ?


क्या  अतीत में छुपी कोई और कड़ी उन्हें भीतर तक ले आई थी ?
वह कोन  था? जो उनके जरिए वापस अपने वजूद को स्थापित करके खून की होली खेलने को बेकरार था?
इस सब सवालों के जवाब के लिए  आपको पढना होगा रोंगटे खड़े कर देने वाला   एक रोमांचकारी उपन्यास - काल कलंक !
पढ़ना ना भूले एक  रहस्यमई दुनिया की सैर कराने वाला उपन्यास काल-कलंक!
  
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