साक्षात्कार: शिवांगी पुरोहित

शिवांगी पुरोहित एक युवा लेखिका है. वर्ष 2017में इन्होंने अपनी  पहली किताब 'सरस्वती' के साथ लेखन के क्षेत्र में श्री गणेश किया था। और फिर 2019 में यूथ आइकॉन भी रहीं। आजकल इनकी किताब जेल डायरी काफी सुर्खियों मैं है।

जेल डायरी: शिवांगी पुरोहित
image source : facebook

Q:शिवांगी जी पहले अपने बारे में कुछ बताइये ।  आप कहाँ से हैं , क्या करती है आदि इत्यादि।
A- फिलहाल मध्यप्रदेश जिला होशंगाबाद में रहती हूं। बी ए से ग्रेजुएशन पूर्ण हो चुका है। अब वकालात की पढ़ाई शुरू होगी।

Q:2019 में यूथ फेस ऑफ इंडिया भी रही है आप। इसके बारे में कुछ बताइये।
A.हम फाउंडेशन नाम की संस्था युवाओं के प्रोत्साहन के लिए कार्य करती है। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे कार्यक्रम होते रहते है। यूथ फेस 2019 भी उन्ही में से एक था।


Q:अबतक आप 6 किताबे लिख चुकी है। पहली किताब कब लिखी आपने? और लेखन की प्रेरणा आपको कहाँ से मिली?
A.2017 में पहला उपन्यास लिखा था। बचपन से उपन्यास पढ़ने का शौक रहा है। पुराने लेखक ही प्रेरणा बने।


Q: लेखन से पहले क्या आप  विषय के बारे में रिसर्च भी करती है? और शोध में कितना वक्त लगाती है।
A.आम जिंदगी से ओत प्रोत लिखती हूँ। कहानियां लिखने के लिए किसी शोध की जरूरत नही पड़ती। लेकिन आरक्षण पर एक तर्क संग्रह लिखा था जिसे तैयार करने में छ महीने लगे थे।


Q:आपकी किताब सरस्वती की काफी चर्चाये सुन रखी है।  किताब किस विषय पर आधारित है,थोड़ा संक्षेप में बताइये।
A.80 के दशक की कहानी है, मेरी पहली किताब थी। पीढ़ियों के संघर्ष से टूटते बिखरते जीवन मूल्यों की दास्ताँ कह सकते है उसे।


Q: हाल में ही प्रकाशित आपकी नई किताब जेल डायरी का विचार कहाँ से आया? किताब किस विधा की है
A.जेल डायरी एक उपन्यास है। आए दिन आत्महत्या करते लोगों को देख विचार आया की ऐसे लोगो को ज़िन्दगी का असली मतलब समझाना होगा।
Q:लेखन को लेकर परिवार वाले आपको कितना सप्पोर्ट करते है।
A. शत प्रतिशत


Q 20 वर्ष की उम्र में 5 किताबे लिख चुकी थी आप। पढ़ाई के साथ साथ-लेखन के लिए वक़्त कैसे निकालती थी आप?
A.व्यस्तता कुछ न करने का एक बहाना मात्र है। कोई भी 24 घंटे व्यस्त नही रह सकता। बाकी अपनी अपनी रुचि की बात है।


Q:पहली किताब का विचार कैसे आया? उसे प्रकाशित करवाने के  लिए कितना संघर्ष करना पड़ा ।इसबारे में कुछ बताइये।


A.कुछ लोकल साहित्यकारों ने दिल्ली का एक प्रकाशन सुझाया, उससे बात करवाई।उस प्रकाशक से शुरुआत की दो किताबें छपवाई। उसने बहुत लूटा। न बिक्री संख्या कभी बताई न रॉयल्टी का एक धेला दिया। तीसरी किताब से प्रकाशन बदल लिया मैंने। 
Q:आपके पसंदीदा लेखक कौन है? और किस तरह की साहित्यिक विधाएं पढ़ना पसन्द करती है आप।
A.चंद्रकिरण सौंरेक्सा और प्रेमचन्द। उपन्यास पढ़ना पसन्द है मुझे। कहानियां जल्दी खत्म हो जाती है। उपन्यास काफी समय तक बांधे रखते हैं।


Q:साहित्य के अलावा और किन किन चीजों का शौक रखती है आप?
A.रसोई में ख़ूब मन लगता है। बाकी नई नई जगहें घूमनी है भविष्य में


Q:इनदिनों युवा पाठकों के बीच नई हिंदी (हिंगलिश) वाली किताबें काफी प्रचलित हो रही है। इसपर आपके क्या विचार है?
A- अच्छी पहल है, लेकिन पर्सनली मुझे पुरानी लेखन शैली ज्यादा पसंद है।


Q: आपकी अबतक 6 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। एक बार यूथ आइकॉन भी रहीं है। अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगी आप?
A,मेरे पिता अध्यापक हैं। मुझे भरपूर सपोर्ट करते है। उन्ही को श्रेय जाता है।


Q: नए लेखकों के लिए क्या सलाह देना चाहेंगी आप?
A-खूब बिकने या फेमस होने की उम्मीद से न लिखे। ये उम्मीदें शुरुआत में ही निराश कर देतीं है। पहले रीडर बेस बनाएं उसके बाद आगे का सोचे।


साक्षात्कार के लिए समय देने के लिए आपका धन्यवाद! आशा करते है कि विद्या की देवी माँ शारदा आपपर अपना स्नेह यूं ही बनाये रखे, और आप भविष्यमें भी नए कीर्तिमान बनाते रहें।



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1 टिप्पणियाँ

  1. युवा लेखिका के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करता हूँ। छोटी उम्र में लेखिका ने झंडे गाड़ दिए हैं।

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