फंतासी उपन्यास कैसे लिखें? (1) hero's journey

 फंतासी उपन्यास लेखन की इस श्रृंखला की शुरुआत में आज हम शुरुआत करेंगे hero with a thousand faces के लेखक   जोशेप कैम्पबेल की  hero's journey  नामक  उस वर्तुल  से जो दुनियाभर की सारी कहानियों का आधार है।  मेरी किताब अलबेला व अन्य किताबो / फिल्मो की कहानियों को उदाहरण बनाकर  आपको बताया जाएगा  कि किस तरह दुनिया की सारी कहानियां एक ही वर्तुल के इर्दगिर्द घूमती है।

hero's journey के बारे में जानकर  आप भी उसका प्रयोग अपने उपन्यास लेखन में कर सकते हो।

लेकिन सबसे पहले जानेंगे कि उपन्यास क्या है ?
HOW TO WRITE A FANTASY NOVEL -1
IMAGE ; PIXABAY 

आपने कहानिया तो बहुत सी पढ़ी होगी , उपन्यास कहानी का ही एक बड़ा रूप है , कहानी में जहाँ सीमित , पात्र व्  घटनाएँ  होती है वही उपन्यास  उन्ही घटनाओ का एक बड़ा रूप है , जिसमे पात्रों  की संख्या कहानी के मुकाबले जादा होती है।

 कहानी जहाँ किसी एक घटना के इर्द -गिर्द घुमती है , वही उपन्यास किसी चरित्र के सम्पूर्ण जीवनकाल  के इर्द- गिर्द घूमता है । हालाँकि इसके भी कुछ अपवाद है, किन्तु  सामान्य तौर पर  उपन्यास नायक से जुड़ी किसी घटना का बड़ा  रूप है। इसमें मुख्य कथा के साथ -साथ कई उपकथायें भी शामिल होती है ।

उपन्यास कई प्रकार के होते है। राजनेतिक, सामाजिक विज्ञानगल्प और फंतासी।

फंतासी उपन्यास ही क्यों ?

फंतासी लिखने के सामान्यत  तीन प्रमुख कारण है:

मनोरंजन- 

अगर आपमें कल्पना शक्ति प्रबल है, और आप  पाठकों का मनोरंज च करना चाहते है तो आप  फंतासी लिखना चुनते हैं .

यथार्थ से पलायन

 कहा जाता है की हैरी पॉटर की लेखिका- J.K. rolling  जब अवसाद से जूझ रही थी,  उसी दौरान उन्होंने यथार्त से पलायन के लिए हैरी पॉटर की रचना की थी। 

संसार व समाज के प्रति नया दृष्टिकोण - 

कई लेखक सिर्फ अपना दृष्टिकोण दिखाने के लिए एक नई  आदर्शवादी दुनिया रचते है।


लिखने की शुरुवात कैसे करें ?

१-प्रेरणा - 

उपन्यास लिखने के लिए आपके पास एक प्रेरणा का होना बहुत आवश्यक है ,   किताब, फिल्मे, इतिहास आदि में से प्रेरणा कहीं से भी ली जा सकती है .

1-अमिश त्रिवेदी ने भारतीय पौराणिक कहानियों से ही प्रेरित होकर शिव  - त्रय लिखी थी ।

2-George R. R. Martin ने अपनी किताब  'A song  of ice and fire' (गेम ऑफ थ्रोन्स) श्रृंखला की प्रेरणा कालजयी फंतासी लेखके R.R tolking की किताब 'लार्ड ऑफ द रिंग्स' श्रृंखला से ली थी।
3- Russell Riordan Jr ने  ग्रीक माइथोलोजी को आधार बनाकर पर्सी जैकसन सिरीज़ लिखी

4-Miss Peregrine's Peculiar Children Series. . भी हैरी पॉटर से प्रेरित है।

आपके पास  भी कोई न कोई  प्रेरणा जरुर  होगी । जिसके कारण आप अपने दिल की बात शब्दों में व्यक्त करना चाहते है ।

अगर आपके पास फिलहाल कोई प्रेरणा नही है, तो एक फंतासी उपन्यास लिखने में आपको कुछ दिक्कते आ सकती है।क्योंकि उपन्यास लेखन एक लंबी व उबाऊ प्रक्रिया है। मेरी सलाह यही होगी कि आप पहले अपनी प्रेरणा ढूंढ ले।

 यदि आप जानते है कि आप क्या लिखना चाहते हैं तो फिर  उपन्यास लेखन का अगला चरण है - 

कहानी 


आपके पास  भी एक कहानी होनी चाहिए, और आपको ये भी पता होना चाहिए की कहानी किस बिंदु से शुरू होकर कहाँ ख़त्म होने वाली है ।
और कहानी  को  रोचक बनाने के लिए आपको करना होगा - शोध 

शोध 


आप   यदि मध्ययुगीन भारतिय परिवेश पर एक फंतासी उपन्यास लिखने की सोच रहे है ,तो  फिर आपको उस परिवेश के बारे में काफी शोध करना होगा ..
मान लीजिये  आपका नायक १५ वी सदी में  मुग़लकाल का एक विद्रोही क्रांतिकारी है।  तो आपको उस काल के बारे में कुछ जानकारी इकट्ठा करनी होगी । जैसे - उस वक़्त अगर  बादशाह अकबर का साम्राज्य था। तो प्रजा किस हाल में थी? वहाँ किस प्रकार की संस्कृति थी? उस वक़्त किसप्रकार की  ऐतिहासिक गतिविधिया चल रही थी ।जनता में कितना असंतोष था ? और वहाँ किस प्रकार की भाषा बोली जाती रही होगी । ये सब आपका शोध का विषय होना चाहिए।  ऐसा नही होना चाहिए कि आप  वैदिक युगीन सभ्यता का वर्णन कर रहे है, और पात्र  उर्दू  में संवाद कर रहे हैं । 
  आप  भले  ही फंतासी लिख रहे हो, लेकिन अगर आप  ऐतिहासिक तथ्यों का वर्णन शानदार ढंग व प्रभावी संवादों के साथ  करते हो तो ये आपके उपन्यास की गुणवत्ता को जरूर बढ़ाएगा।।

लेखक    C.S LEWS  ने अपनी किताब नार्निया में भी दूसरे  विश्वयुद्द  के परिवेश को भी भली भांति दिखाया है। जिसमे पाठक आसानी से समझ जाते हैं कि उपन्यास की घटनाएं किस काल -क्रम में चल रही हैं।

काल्पनिक  संसार की रचना करना और वहां के तौर -तरीके 

 
कहानी की शुरुआत  से अंत तक के हर महत्वपूर्ण बिंदु पर शोध करने के बाद आपको, अपने उस काल्पनिक संसार की रचना करनी है जहाँ आपकी कहानी से जुड़े चरित्र रहते है ।  ऐतिहासिक  विषय पर आपकी कथा आधारित है तो गूगल काफी हद तक सहायक सिद्ध हो सकता है . 
किन्तु आप अगर  एक नई दुनिया बनाना चाहते है  तो आपको उस दुनिया के नियम कानून , रीति-रिवाज आदि सबका निर्माण करना खुद ही होगा। 
 जैसे -अगर आपकी दुनिया  में जादू -टोना -भूत -पिशाच  का वजूद हैं तो  वहां का रीती- रिवाज, और नियम कानून क्या होंगे ये गौरतलब बात है।
आपने कभी वैम्पायर से सम्बंधित उपन्यास या फिल्मे पढ़ी - देखी होगी, तो उनमे वैम्पायर को साधारण इंसानों से कई गुना शक्तिस्शाली दिखाया जाता है। लेकिन उसी संसार में वैम्पायर की एक कमजोरी होती है - चांदी - का अस्त्र या  गिरजा घर का पवित्र जल ! 
 या dc कॉमिक्स में जैसे सुपरमैन की कमजोरी होती है  - किप्टोनाईट ! 
   आपको भी अपने बनाये काल्पनिक संसार में कुछ इसी तरह के कायदे कानून व नियम बनाने होंगे , जो यहां रहने वाले चरित्रों पर लागू होंगे।

चरित्र निर्माण -


यदि आप किसी चरित्र को बहुत शक्तिशाली बना रहे हो तो उसकी एक कमजोरी भी जरुर होनी चाहिए ताकि संतुलन सही बना रहे।
 
नायक  का चरित्र इस तरह का होना चाहिए कि आम आदमी भी खुद उस व्यक्ति से  जुडाव   महशूस कर  सके ।

 हैरी पॉटर को देखिये . उसकी समस्याओं पर नजर डालेंगे तो  वो एक साधारण सा बच्चा है .\ लेकिन काम असाधारण करता है, उसे पढ़ते हुए उसकी समस्या आपकी समस्या बन जाती है .

जरुरी नही की मुख्य चरित्र आदर्शवादी ही हो .. लेकिन ये जरुरी है की वो आगे जाकर क्या करने वाला है ..

 रत्नाकर डाकू की कहानी तो सबको याद  ही होगी.. आगे जाकर वो क्या करता है ये किसी को बताने की जरुरत नही !

 आप किसी  अनोखे  या   महत्वपूर्ण  चरित्र को रच रहे हो तो शुरुवात में  ही उसके बारे में कुछ जरुरी हिंट्स दे सकते है -

उदाहरण  के लिए मेरी किताब 'अलबेला'  में जब  नायक 'अलबेला' का जन्म  होता है, तो  वो उल्टा पैदा होता है. और दाई कहती है :ये तो उल्टा पैदा हुआ है , जरुर कोई अलबेला ही बनेगा!"

पाठकों को काफी हद तक अंदाजा लग जाएगा है कि नायक अलबेला कोई सामान्य व्यक्ति नही है ।

 खलनायक भी खुद की दृष्टी में एक नायक ही होता है , उसके विचार  क्या है ? वो क्यों इतना लोभी है? आदि का वर्णन अच्छी तरह से करे।

चरित्रों के निर्माण के बाद, अब आपको उन्हें (चरित्रों को )वो सारी तकलीफें देनी होंगी ,जो आप हकीकत में अपने दुश्मनों को भी नही  देना चाहेंगे ।

क्योंकि -

"हम उस गुफा में प्रवेश करने से डरते हैं, जहां आपके द्वारा चाहा गया खजाना रखता है " - जोषेप कैम्पबेल  

नायक की जीवन यात्रा ( HEROS JOURNEY )






how to write a fantasy novel
image source : snappygoat.com 


The Hero with a Thousand Faces के लेखक जोशेप कैम्पबेल ने  HERO'S JOURNEY में दुनिया को ये बताया कि दुनिया भर की सारी  कहानियां एक ही फार्मूले पर आधारित है।  आप  चाहे  जो कोई भी फंतासी किताब पढ़ ले,आप देखोगे  सब कहानियां एक जैसी ही है।  

 डिज्नी  स्टूडियो ने तो अपनी कई फिल्मों में इसी  'हीरोज़ जर्नी' वाले  फलसफे को आधार बनाया है . उधाहरण के लिए 'अलादीन', या 'लायन किंग'को ही ले लें ।

 आखिर हीरोज़ जर्नी क्या है?


ये एक ऐसी यात्रा है जो एक सामान्य इंसान को हीरो  अथवा नायक में बदल देती है।

बैटमैन कॉमिक्स को देख ले।
बैटमैन के माता- पिता सड़क पर एक बदमाश के हाथों मारे जा चुके है।
लेकिन नन्हा ब्रूस एक लंबी दर्दनाक यात्रा के लिए खुद को तैयार करता है। और अंत मे जब वो अपने शहर गोथम वापस आता हूं तो वो बैटमैन बन चुका होता है। 
ब्रूस के बचपन  में घटी  त्रासदी से  बैटमैन बनने की जो यात्रा है वही हीरोज़ जर्नी है।

हेरोज़ जर्नी के मुख्य तत्व

'जोशेप कैम्पबेल' की  hero's journey  से जुड़े ६  मुख्य घटकों का यहाँ पर वर्णन किया गया है , जिसे प्रयोग में लाकर आप अपने उपन्यास को बेहतर बना सकते हैं।

१- साधारण दुनिया -  

नायक अपनी साधारण दुनिया मे है। लेकिन कहानी में रोचकता बनाने के लिए उसे एक यात्रा पर जाना होगा। एक ऐसी  यात्रा  जो उसे नायक से महानायक  में तब्दील कर  देगी।

उदहारण के लिए मेरे उपन्यास अलबेला अपने नए कबिले में खुश  है, उसने कई आविष्कार करे, मगर कबीले के लोग अभी भी उसकी उपयोगिता नही समझ पा रहे है।

 २ - एक्शन टाइम  - कंफर्ट जोन से बाहर जाना

एक वक्त ऐसा आता है कि नायक के आगे एक संकट उत्पन्न होजाता है। या परिस्थितियों ने उसे इतना मजबूर कर दिया कि उसे अब एक  कष्टदायक यात्रा पर जाना होगा।

यात्रा से मेरा आशय मानसिक यात्रा से भी है।

मेरी किताब 'अलबेला' में जब 'अजूबा'उसके पास आता है, और हमलावर  आक्रंताओं के बारे मे सचेत करता है, तो अलबेला  निकल पड़ता है, दूसरे कबिले की यात्राओं पर। अपने कुछ साथियों के साथ।  यहां पर  नायक की यात्रा की शुरुआत हो चुकी है , और नायक के जीवन मे नई चुनोतियाँ आने वाली है।

ये यात्रा आपके नायक को अपने सुरक्षित स्थान से निकलने पर मजबूर कर देगी । जो उसके जीवन में रोमांच भर देगी  और नायक को  खुद की सीमाओं  के पार ले जाएगी .  इसे कॉल तु  एक्शन भी कहते हैं .

सामान्य लोग कॉल तू एक्शन पर   कोई प्रतिकिर्या नही देते ,लेकिन असाधारण लोग यात्रा के लिए निकल जाते है । इसे आप वास्तविक जीवन मे भी प्रयोग कर सकते है। क्योंकि बद्दतर परिस्थितियां ही बेहतर मनुस्यों का निर्माण करती है।


३-  चुनोतिया  -

 Hero's journey  के तीसरे घटक में अब नायक अपनी दुनिया से निकल कर दूसरी अंजान दुनिया मे पहुच चुका है।आगे की यात्रा में उसे बहुत सी चुनोतियाँ मिलेगी जिसे उसे पार  करना ही होगा।

४ -  परीक्षा  - 

नायक की क्षमताओं की परीक्षा

चुनोतियाँ से जूझते हुए नायक को बहुत सी परीक्षाओं से गुजर कर खुद की काबिलियत साबित करनी होगी।


अलबेला : मत्स्य काण्ड
अलबेला : मत्यकांड 


अलबेला' में जब अलबेला, मत्स्य कबीले वालों से मदद मांगता है, तो वो लोगउसकी परीक्षा लेते है। अपनी तरकीबो की बदौलत वो जल्दैत्य को हराकर अपनी परीक्षा में न सिर्फ उत्तीर्ण होता है बल्कि उसका कारवां भी बढ़ जाता है।

५-कायाकल्प  -

अपनी सीमाओं से पर जाने की कोशिश में नायक का खलनायक से सामना हो चुका है।

एक साधारण इंसान से एक विजेता बनकर  उसका  पुनर्जन्म हो चुका है ; यानी कि अब वो काफी बदल चुका है, और मानसिक रूप से भी परिपक्व हो चूका है ।


HOW TO WRITE A FANTASY NOVEL
ALBELA : 

६- घर वापसी -

अंत मे नायक मार्ग में मिलने वाली सारी बिघ्न-बाधाओं को पार करके अपने घर यानी कि अपने मूल परिवेश में वापस आ जाता है।

और इस तरह नायक की यात्रा का ये चक्र चलता रहता है।  नायक की इसी  यात्रा  के आधार पर आगे  के सीक्वल्स लिखे जा सकते हैं .




अलबेला : अस्त्र
अलबेला : दानवविध्वंसक अस्त्र 

लेख के दूसरे भाग में हम जानेंगे संवाद लेखन ,चरित्र निर्माण और कहानी  में रोचकता बनाये रखने   के बारे में ..







एक टिप्पणी भेजें

8 टिप्पणियाँ

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  2. सराहना के लिए आभार अनिता जी 🙏

    जवाब देंहटाएं