किताब समीक्षा - जर्नी टू द सेंटर ऑफ़ द अर्थ

 जर्नी टू द सेंटर ऑफ़ द अर्थ

लेखक जूल्स वर्न

अनुवाद : आलोक कुमार

प्रकाशक : फ्लाईड्रीम पब्लिकेशन 

JAURNEY TO THE CENTER



पहली बार  1864  फ्रेंच  में प्रकाशित इस पुस्तक ने आते ही  पुस्तक प्रेमियों के बीच इसकदर धूम मचा दी थी कि 7 वर्ष बाद 1871 में इसे अंग्रेजी में प्रकाशित करना पड़ा।


कहते हैं कि विश्वप्रसिद्ध ' शरलॉक होम्स' के रचयिता  'आर्थर कोनन डॉयल' इस  किताब से इतने प्रभावित थे कि इस किताब ही कि प्रेरणा से उन्होंने अपना विज्ञान गल्प उपन्यास-  'द लोस्ट वर्ल्ड' लिखा।


साहित्य के विशेषज्ञों द्वारा इसे पहला साइंसफिक्शन उपन्यास कहा जाता है।  हालाकिं विज्ञानगल्प विधा को sci-fi नाम इस उपन्यास के 85 वर्ष बाद मिला। 

 

 हिंदी में ये किताब 2019 में प्रकाशित हुई है। और इसका अनुवाद आलोक कुमार ने किया है।

 संक्षेप में कहानी की बात करें तो कहानी हैरी  और उसके सनकी,ग़ुस्सेल और बुद्धिजीवी अंकल प्रो. हार्डविग की है जो अनेको भाषाओं और शास्त्रों के ज्ञाता है। 

कहानी  का सूत्रधार 'हैरी' है, जो उसी के नजरिए से बताई जाती है।

एक दिन प्रो हार्डविग को 'नोर तारलेसन' की किताब  'हेम्स क्रींगला' जो आइसलैंड की प्राचीनतम भाषा 'रुनिक' मे लिखी थी , उसमे से  एक पर्ची मिलती है, जिसमे 'रुनिक' भाषा मे एक कोड लिखा होता है।

काफी मशक्कत के बाद, हैरी द्वारा जब वो पहेली यानि कि वो कोड सुलझा दिया जाता है, तो वो लोग आइसलैंड के लिए रवाना हो जाते है, और फिर शुरू होती है उनकी रोमांचक यात्रा - धरती के केंद्र की और।

उपन्यास भले ही काल्पनिक है लेकिन एक  यात्रावृत्तांत की तरह लिखा गया है, वो की रोमांच और रोचकता दोनों को बढ़ा देता है।

 चित्रकार 'एडॉर्ड रियों ' के मूल चित्र उपन्यास में चार चांद लगा देते है।

आलोक जी ने काफी बेहतरीन अनुवाद किया है।  कीप्टोग्राफी वाली पहली का हिंदी वर्ज़न पढ़कर ही आप आलोक जी  की मेहनत और परिपक्वता का अंदाज़ा लगा सकते है।

किताब को पढ़ते हुए आपको कहीं पर भी ये महसूस नही होता है कि आप एक अनुवादित कृति पढ़ रहे है ..

हिंदी के मुहावरे व लोकोक्तियों के प्रयोग से ऐसा प्रतित होता है जैसे आप आलोक कुमार द्वारा लिखित एक मूल हिंदी उपन्यास पढ़ रहें हो ..

मित्रों अगर आप रोमांच , रहस्य और विज्ञानगल्प में रूचि रखते हो तो ये किताब आपके लिए ही लिखी गयी है , इसे जरुर पढ़े !

फ्लाईड्रीम पब्लिकेशन को भी विशेष धन्यवाद। इतनी बेहतरीन क्लासिक कृति का हिंदी अनुवाद करने के लिए।

आशा करता हूँ कि आगे भी वे इस दिशा में कार्य करते रहेंगे।


आप चाहें तो किताब अमेज़न से भी आर्डर कर सकते हो -


JOURNEY TO THE CENTER OF THE EARTH








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