साक्षात्कार- प्रहलाद नारायण माथुर

आज हम आपको  रूबरू करवाने वाले है प्रहलाद नारायण माथुर जी से .

हाल  ही मे आपकी  किताब  'माँ के अनपढ़े खत' flydrealms पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित हुई है ।

प्रहलाद जी ने नौकरी से रिटायर होने के बाद  से  ही  अपने सारे  साहित्य संबंधी  कार्य  शुरू किए  है,और अब तक आपकी  चार किताबें प्रकाशित हो चुकी है।

1.सफर रिश्तों का

2.मृग तृष्णा

( दोनों कविता पुस्तकें)

3. wing commander Abhinandan Vartaman a real hero.

4. माँ के अनपढ़े खत

इस साक्षात्कार के माध्यम से आज हम प्रहलाद जी से जानेंगे उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य व घटनाए ।


प्रश्न - प्रह्लाद जी साक्षात्कार की शुरुआत करते हुए अपने बारे में पाठकों को कुछ बताइये। कहाँ से हो आप, क्या करते हो?

उत्तर-  जी मेरा नाम प्रहलाद नारायण माथुर है। मैं अजमेर राजस्थान से हूँ। मैं ओरिएंटल इंश्योरेंस कम्पनी से उपप्रबंधक पद से रिटायर हुआ हूँ।ऑफिस मैगजीनों के अलावा और पत्रिकाओं में मेरी रचनाएं छप चुकी है। नौकरी की प्रतिबद्धता के कारण मैं ज्यादा समय नही दे पाता था। 2016 में रिटायरमेंट के बाद किताबें लिखना शुरू किया है।सामाजिक एवं देशभक्ति पर लिखने में रुचि रखता हूँ। 







प्रश्न -  आपकी किताब माँ के अनपढ़े खत  हाल ही में प्रकाशित हुई है। ये किस विषय पर आधारित है। इसे लिखने की प्रेरणा कहाँ से मिली, किताब को लिखने में कितना वक्त लगा।


उत्तर-  मेरी हाल ही में प्रकाशित सामाजिक उपन्यास माँ के अनपढ़े खत एक माँ की ममता पर आधारित है।यह मार्मिक और भावुक कहानी है माँ अपने बच्चें से बेहद प्यार करती है और उसकी अच्छी परवरिश के लिये अपनी नौकरी तक छोड़ देती है। पुस्तक में सच्ची घटना पर आधारित बहुत से अंश है। इस पुस्तक को लिखने में 9 महीने लगे।


प्रश्न -  आपने विंग कमांडर अभिनंदन पर भी एक किताब लिखी है। अवश्य ही किताब सत्य घटना पर आधारित होगी। आप लेखन में शोध को कितना महत्व देते है। किताब लिखते हुए आपने अभिनंदन जी के जीवन पर कितना शोध किया।


उत्तर- A.wing commander Abhinandan Varthaman a real hero किताब अंग्रेजी में है तथा वायुसेना कमांडर अभिनंदन वर्तमान पर लिखी है। पाक वायु सेना ने भारतीय सेना के कैम्प और अन्य स्थानों पर बम गिराने की कोशिश की तब विंग कमांडर ने पाक विमानों को ना केवल खदेड़ा बल्कि अपने MiG21से पाक विमान F16 को मार गिराया।मगर इस दौरान वे Loc पार कर गए वहां पैराशूट से कूदकर अपनी जान बचाई। वे 60 घण्टे पाक सेना की हिरासत में रहे।इस दौरान उन पर बहुत जुल्म हुए मगर उन्होंने सूझबूझ से 60 घण्टों को face किया। वहां उनके संयम और संयमित व्यवहार ने हमें बहुत सी बातें सीखने को दी जो आज की पीढ़ी को सीखना जरुरी है बस इसी विषय पर यह पुस्तक है।

इस किताब को लिखने में बहुत मेहनत करनी पड़ी तथा बहुत से तथ्यों को इकट्ठा किया तब जाकर किताब लिख पाया। अभिनंदन पर बहुत रिसर्च किया था। यह किताब भी बहुत पसंद की गई है। वीर चक्र सम्मानित विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को big salute. 


प्रश्न - आपने रिटायरमेंट के बाद लेखन को चुना। पहली किताब लिखने में किन चुनोतियाँ का सामना करना पड़ा और इसे प्रकाशित होने में कितना वक्त लगा?


उत्तर-  मेरी पहली पुस्तक *सफर रिश्तों का पारिवारिक रिश्तों पर आधारित कविता पुस्तक थी। इस पुस्तक की कविताएं एक आम आदमी की आत्मकथा प्रतीत होती है।प्रत्येक व्यक्ति को लगेगा की ये कविताएं तो उसके जीवन पर लिखी गयी है।

मुझें किताब छपवाने का कोई अनुभव नही था मगर इंटेरनेट द्वारा प्रकाशक की खोजबीन करके पहली किताब छपवायी। धीरे धीरे और जानकारियां प्राप्त होने लगी और अब तक मेरी चार पुस्तकें छप चुकी है।सभी अमेजॉन पर उपलब्ध है।


प्रश्न - लेखन के अलावा आप और किन किन चीजों का शौक रखते है?

उत्तर-  लेखन के अलावा मुझे बांसुरी बजाने का शौक है।अपने युवा समय में क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था।

यूनिवर्सिटी स्तर पर टूर्नामेंटों में अपने कॉलेज का प्रतिनिधित्व किया है।


प्रश्न -  एक लेखक को लेखक बनाने में उसके द्वारा पढ़ी गयी किताबों का हाथ होता है। आप खाली समय में किस तरह की पुस्तकें पढ़ना पसन्द करते हो। आपके पसंदीदा लेखक कौन है?

उत्तर- मैंने जिंदगी और समाज में जो देखता हूं बस उसी के आधार पर लिखता हूँ। 


प्रश्न -  गल्प के अलावा आप काव्य सृजन में भी रुचि रखते हो।  क्या आपकी कोई कविता संग्रह प्रकाशित हो चुकी है या भविष्य में होने वाली है? कविता की प्रेरणा कहाँ से मिलती है आपको?

उत्तर- मेरी सामाजिक विषयों पर दो कविता संग्रह सफर रिश्तों का और मृग तृष्णा.प्रकाशित हो चुकी है तथा दोनों को बहुत पसंद किया गया है।समाज में घटित घटनाओं का जहन पर असर होता है बस उसी पर ही लिखता हूं।


प्रश्न - अपने आगामी प्रोजेक्ट के बारे में कुछ बताइये। भविष्य में आपके पाठकों को किस तरह की पुस्तकें मिलने वाली है?

उत्तर-  मैं अधिकतर सामाजिक विषयों पर ही लिखना पसन्द करता हूँ। अभी एक कविता पुस्तक पर काम चल रहा है। इसके अलावा सामाजिक रिश्तों पर उपन्यास लिख रहा हूँ । ईश्वर ने चाहा तो मेरी नयी कृतियां शीघ्र आप लोगों के सम्मुख होगी।


प्रश्न - अंत मे नए लेखकों को क्या संदेश देना चाहोगे आप?

उत्तर- नए लेखकों को यही कहना चाहता हूँ की जो लिखों खुद की creativity लिखों। लिखने के लिये जब भी कुछ दिमाग में आये, उसी समय मोबाईल पर नोट कर लो इससे आप भूलेंगे नही। बहुत बार ऐसा होता है बहुत अच्छा आइडिया दिमाग में आता है मगर कागज पेन का इंतजाम करने में देर लग जाती हैं और हम भूल जाते हैं। लेखन में धीरज रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि यहां धैर्य की परीक्षा होती है।किताबों के लिये नये पाठकों को जुटाना इतना आसान नही होता।


प्रह्लाद जी की किताब माँ के अनपढ़े खत आप इस लिंक से ऑर्डर कर सकते हैं ।



किताब माँ के अनपढ़े खत

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